ट्रेडिंग प्लान: मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी भी दे रहे हैं मंदी के संकेत

शेयर बाजार में हाल के दिनों में काफी उथल-पुथल देखी गई है। ईरान के मुद्दे पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों के बाद निफ्टी में तेजी आई है। हालांकि, तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी भी मंदी के संकेत दे रहे हैं, जिससे निफ्टी और बैंक निफ्टी में रिकवरी जारी रहना मुश्किल हो सकता है।

अप्रैल 02 के ट्रेडिंग सत्र के लिए विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी को 23,000-23,200 के दायरे तक जाने के लिए लगातार खरीदारी का समर्थन मिलना आवश्यक है। दो दिन की तेज बिकवाली के बाद गत सत्रों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, लेकिन यह तेजी संरक्षित नहीं दिख रही है।

मोमेंटम इंडिकेटर्स की स्थिति

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) और मैकेड जैसे मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी भी नकारात्मक संकेत दे रहे हैं। ये इंडिकेटर्स दर्शाते हैं कि बाजार में विक्रय दबाव अभी भी मजबूत है। इसका मतलब यह है कि खरीदारी का प्रयास सीमित हो सकता है और बाजार में पुनः गिरावट की संभावना बनी हुई है।

निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर 23,100 और 23,200 के पास हैं। यदि बाजार इन स्तरों को तोड़ने में विफल रहता है, तो यह एक कमजोर संकेत माना जाएगा। दूसरी ओर, 22,800-22,900 के स्तर को महत्वपूर्ण सहायता माना जा रहा है।

बैंक निफ्टी की स्थिति

बैंक निफ्टी के संदर्भ में भी परिस्थितियां समान हैं। बैंकिंग स्टॉक्स में भी मोमेंटम कमजोर दिख रहा है। ब्रेडथ इंडिकेटर्स (advance-decline ratio) नकारात्मक बने हुए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक रूप से बिकवाली जारी है।

बैंक निफ्टी के लिए तकनीकी समर्थन 47,500-47,700 के स्तर पर है। यदि यह स्तर टूटता है, तो 47,200 तक और गिरावट की संभावना बनी हुई है। वर्तमान परिदृश्य में, अल्पकालिक ट्रेडर्स को सावधानी बरतनी चाहिए।

ट्रेडिंग सुझाव

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वर्तमान समय में लंबी अवधि की स्थिति लेना जोखिम भरा हो सकता है। मोमेंटम इंडिकेटर्स के नकारात्मक संकेतों को देखते हुए, छोटी अवधि के ट्रेडर्स को 22,900-23,000 के ब्रेकआउट के लिए प्रतीक्षा करनी चाहिए।

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्टॉप लॉस को सही जगह रखें और जोखिम प्रबंधन के सिद्धांतों का पालन करें। ईरान के मुद्दे पर वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कोई भी अचानक ख़बर बाजार में तेजी से परिवर्तन ला सकती है।

कुल मिलाकर, अप्रैल 02 के सत्र में निफ्टी और बैंक निफ्टी में रिकवरी मुश्किल दिख रही है। मोमेंटम इंडिकेटर्स जब तक सकारात्मक संकेत नहीं देते, तब तक सावधानी का दृष्टिकोण ही बेहतर रहेगा।