हनुमान जयंती के मौके पर बॉलीवुड में एक बड़ी बहस छिड़ गई है। रणबीर कपूर की आने वाली फिल्म ‘रामायण’ के विजुअल्स सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म की तुलना एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ के साथ की जा रही है। आखिर क्यों हो रही है यह तुलना? आइए समझते हैं। रणबीर कपूर का राम अवतार जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वैसे ही दर्शकों के बीच उम्मीदें बढ़ गईं। रणबीर कपूर एक प्रतिभाशाली अभिनेता हैं और उन्होंने अपनी भूमिकाओं में हमेशा गहराई लाई है। लेकिन राम जैसे महत्वपूर्ण किरदार के लिए जनता की अपेक्षाएं बेहद ऊंची होती हैं। यही कारण है कि इस फिल्म को लेकर फैन्स में उत्साह और संदेह दोनों हैं। दूसरी ओर, एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर भी जनता में काफी चर्चा है। हालांकि इस फिल्म के बारे में अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन राजामौली की दृष्टि और उनके विजुअल्स की गुणवत्ता की वजह से इस प्रोजेक्ट को लेकर खूब उम्मीदें हैं। राजामौली ने ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ जैसी विश्वमानीय फिल्मों के जरिए अपनी क्षमता साबित की है। ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ की सफलता के बाद राजामौली की हर फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें बहुत बढ़ जाती हैं। ‘वाराणसी’ भी एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है क्योंकि यह भारतीय सभ्यता और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। वाराणसी को हिंदू धर्म का सबसे पवित्र शहर माना जाता है, इसलिए इस फिल्म की जिम्मेदारी भी बहुत ज्यादा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स के बीच तुलना के कारण यह साफ दिख रहा है कि दोनों ही प्रोजेक्ट्स को लेकर जनता में खूब उत्साह है। कुछ लोग रणबीर कपूर की अभिनय क्षमता पर भरोसा करते हैं, तो कुछ राजामौली के विजुअल्स और कथानक को लेकर अधिक आशान्वित हैं। यह तुलना दरअसल यह दर्शाती है कि भारतीय सिनेमा में धार्मिक और पौराणिक विषयों पर बनने वाली फिल्मों के प्रति दर्शकों की दिलचस्पी कितनी बढ़ गई है। इस बहस से एक और महत्वपूर्ण बात निकलकर आती है – कि बॉलीवुड अब भारतीय परंपरा और संस्कृति को लेकर गंभीर फिल्में बना रहा है। ‘रामायण’ और ‘वाराणसी’ दोनों ही प्रोजेक्ट्स इसी का प्रमाण हैं। बड़े बजट, बेहतरीन अभिनेता और प्रतिभाशाली निर्देशकों के साथ ये फिल्में आने वाली हैं। आने वाले समय में जब ये दोनों फिल्में सिनेमाघरों में आएंगी, तो निश्चित रूप से दर्शकों को शानदार अनुभव मिलेगा। फिलहाल, यह तुलना सिर्फ अनुमान और उत्सुकता का ही हिस्सा है। असली परीक्षा तो फिल्म रिलीज होने के बाद ही होगी। लेकिन यह तय है कि रणबीर कपूर की ‘रामायण’ और राजामौली की ‘वाराणसी’ दोनों ही भारतीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण फिल्में होंगी। Post navigation फर्रुखाबाद: बहन से छेड़छाड़ की रंजिश में दोस्त की हत्या 57% तक बढ़ सकते हैं ये 9 लार्जकैप शेयर – एक्सिस सिक्योरिटीज