आयरलैंड का कस्बा दे रहा है बच्चों को फोन से मुक्ति का संदेश आयरलैंड के एक छोटे से कस्बे की एक सरल पहल दुनियाभर के देशों को बच्चों में स्मार्टफोन की लत कम करने के लिए प्रेरित कर रही है। इस कस्बे ने ‘Sitdown Sunday’ नाम की एक अनोखी योजना शुरू की है, जिसमें प्रत्येक रविवार को बच्चों और युवाओं को फोन रखकर अपने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया से दूर करना और उन्हें सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक विकास के लिए प्रेरित करना है। ‘Sitdown Sunday’ के दौरान परिवार के सदस्य एक-दूसरे के साथ बैठते हैं, बातचीत करते हैं, खेल खेलते हैं और पारंपरिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। यह पहल एक सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘स्क्रीन-फ्री’ यानी बिना स्क्रीन के समय बिताने की वकालत करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन में अत्यधिक स्मार्टफोन और टैबलेट का उपयोग बच्चों की आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है, उनकी एकाग्रता क्षमता को प्रभावित कर सकता है और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सिफारिश की है कि 5-17 वर्ष के बच्चों को प्रतिदिन 2 घंटे से कम स्क्रीन समय मिलना चाहिए। आयरलैंड के इस कस्बे की पहल को देखते हुए, यूरोप, अमेरिका और एशिया के कई देश भी इसी तरह की योजनाएं लागू करने पर विचार कर रहे हैं। भारत में भी कुछ स्कूल और संगठन इसी तरह की ‘डिजिटल डिटॉक्स’ पहल चला रहे हैं। ‘Sitdown Sunday’ की सफलता का कारण यह है कि यह बच्चों पर कोई सख्त प्रतिबंध नहीं लगाती, बल्कि उन्हें और उनके परिवारों को वास्तविक जीवन के अनुभवों का महत्व समझाती है। इस योजना के तहत, बच्चों को भी समझ में आने लगता है कि स्मार्टफोन से दूर रहकर जीवन कितना अधिक रंगीन और आनंदमय हो सकता है। यह पहल सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि माता-पिता के लिए भी एक सीख है। आजकल के समय में जब माता-पिता स्वयं अपने फोन में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में बच्चों से यह अपेक्षा करना गलत है कि वे फोन नहीं चलाएंगे। ‘Sitdown Sunday’ परिवार के सभी सदस्यों को समान रूप से डिजिटल दुनिया से दूर होने के लिए प्रेरित करती है। आने वाले समय में, ऐसी पहल न केवल बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाएंगी, बल्कि परिवार के भीतर संबंधों को भी मजबूत करेंगी। आयरलैंड का यह कदम दुनियाभर के लिए एक अच्छा उदाहरण साबित हो रहा है कि कैसे सरल, सामूहिक प्रयास से समाज में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। Post navigation Zuckerberg के Meta ने Mercor के साथ काम रोका, $10 बिलियन स्टार्टअप को सुरक्षा उल्लंघन का सामना LPG संकट के बीच IPL ने दिया बारों और रेस्तरांओं को राहत