भारतीय महिला फुटबॉल टीम के कोच के रूप में क्रिस्पिन चेत्री की वापसी की घोषणा हो गई है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) की तकनीकी समिति ने अमेलिया वाल्वेर्डे के अनुबंध को बढ़ाने की सिफारिश नहीं की है। वाल्वेर्डे को एएफसी एशियन कप टूर्नामेंट के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन भारतीय टीम का खराब प्रदर्शन उन्हें लागू नहीं रह सका।

एआईएफएफ की तकनीकी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि क्रिस्पिन चेत्री को महिला राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया जाएगा। चेत्री ने पहले भी भारतीय महिला फुटबॉल टीम को सफलतापूर्वक कोचिंग दी है और उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है।

एएफसी एशियन कप में भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। टीम समूह चरण में ही बाहर हो गई और किसी भी मैच में जीत नहीं ला सकी। इस खराब प्रदर्शन के कारण एआईएफएफ को तकनीकी स्तर पर बदलाव की आवश्यकता महसूस हुई।

क्रिस्पिन चेत्री ने अतीत में भारतीय महिला फुटबॉल टीम को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके कोचिंग के दौरान टीम में सुधार देखा गया था और खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर रहा था। उनकी वापसी से भारतीय फुटबॉल प्रशासन को उम्मीद है कि टीम की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा।

महिला फुटबॉल में भारत की प्रगति के लिए एक दक्ष और अनुभवी कोच की आवश्यकता है। चेत्री के पास टीम को नई दिशा देने और खिलाड़ियों की क्षमता को सही तरीके से विकसित करने की विशेषज्ञता है। आने वाले टूर्नामेंटों में बेहतर परिणाम के लिए टीम को पुनः संगठित किया जाएगा।

एआईएफएफ के अधिकारियों ने कहा है कि क्रिस्पिन चेत्री की नियुक्ति से महिला फुटबॉल में एक नया अध्याय शुरू होगा। टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक सुदृढ़ रणनीति बनाई जाएगी। आने वाले समय में भारतीय महिला टीम से शीर्ष स्तर की प्रदर्शन की उम्मीद है।