मानसिक स्वास्थ्य बाजार 2035 तक 668.62 अरब डॉलर से अधिक होगा SNS Insider की नई रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य बाजार 2035 तक USD 668.62 अरब तक पहुंचने का अनुमान है। यह वृद्धि डिजिटल केयर समाधानों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चालित थेरेपी के बढ़ते अपनाने के कारण हो रही है। विश्व स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है। बढ़ती जागरूकता, विस्तारित टेलीथेरेपी प्लेटफॉर्म, और वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के स्तर इस विस्फोटक वृद्धि के मुख्य कारण हैं। कोविड-19 महामारी के बाद से, लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को समझना शुरू किया है। डिजिटल स्वास्थ्य समाधान मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति ला रहे हैं। टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्लिकेशन, और ऑनलाइन परामर्श सेवाएं अब दूरदराज के क्षेत्रों में भी पहुंच गई हैं। ये सेवाएं सस्ती हैं और समय की बचत करती हैं, जिससे अधिक लोग मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता चालित थेरेपी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया आयाम जोड़ रही है। AI-आधारित चैटबॉट और वर्चुअल मानसिक स्वास्थ्य सहायक 24/7 सहायता प्रदान कर सकते हैं। ये समाधान व्यक्तिगत उपचार योजनाएं बना सकते हैं और रोगियों की प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 700 मिलियन से अधिक लोग विश्व में अवसाद और चिंता विकारों से पीड़ित हैं। इसके अलावा, कार्यस्थल पर तनाव, सामाजिक दबाव, और आर्थिक चिंताएं मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा रही हैं। कर्मचारियों की मानसिक कल्याण कंपनियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। भारत में भी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ रही है। भारतीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, लाखों लोग विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे Practo, Teladoc, और BetterLyf भारत में टेलीथेरेपी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में, मानसिक स्वास्थ्य बाजार में और भी अधिक वृद्धि की उम्मीद है। सरकारें मानसिक स्वास्थ्य नीतियों में निवेश कर रही हैं, और निजी संगठन भी इस क्षेत्र में अधिक सक्रिय हो रहे हैं। AI, मशीन लर्निंग, और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और भी बेहतर बनाएंगी। यह सकारात्मक प्रवृत्ति दर्शाती है कि समाज मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्व दे रहा है। डिजिटल नवाचार और बढ़ती जागरूकता के साथ, हर किसी को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की संभावना बढ़ रही है। Post navigation Willie Walsh: भारतीय एयरलाइंस में विदेशी CEO का दुर्लभ मामला ट्रंप की ‘पाषाण युग’ टिप्पणी पर ईरान FM का तीखा जवाब